बिजली विभाग का एक और कारनामा: जीरो वाले बिल से भी ऊपर, नेताजी के बिल में भी खेल, अचानक 1000 यूनिट से 5 तक पहुंची खपत
शहर संभाग में बिजली का खेल चल रहा है। सिर्फ आम उपभोक्ताओं को ही विभाग बिल के नाम पर परेशान करता है और नियमों का पाठ पढ़ाता है और सारे खेल, अफसरों, नेताओं और कारोबारियों के बिलों में कर देता है। अभी तक आपने महाराजा पुष्पराज सिंह के जीरो वाले बिल देखे अब नेताओं के बंगलों के बिलों में हेरफेर भी देख लीजिए। कैसे एक साल पहले 800 यूनिट खपत थी, वहीं दूसरे सालभरी गर्मी में यूनिट घटकर 47 पहुंच गई। यह कारनामा जीरो बिलिंग से भी एक कदम आगे हैं।

आम पब्लिक को रुलाने वाले बिजली विभाग के अधिकारियों, मीटर रीडरों, जेई और डीई का कारनामा
मामले का खुलासा होते ही बौखलाए बिजली विभाग के अधिकारी
रीवा। नेताजी की सिफारिश में पिछले पांच सालों से शहर में कार्यपालन अभियंता की कुर्सी तोड़ रहे नरेन्द्र मिश्रा विभाग के गजब कारनामे सामने आ रहे हैं। ऐसे ऐसे विभाग के कारनामे और बिजली के बिल सामने आ रहे हैं जिसे देखकर आप भी दंग रह जाएंगे। बड़े नेताओं, अधिकारियों को लगातार जीरो रीडिंग का बिल भेजा जा रहा है। इनके यहां पर अलग नियम चलाए जा रहे हैं। आम पब्लिक को अलग बिल भेजा जाता है। भले ही एक भी दिन बिजली का उपयोग न करें फिर भी मिनिमम बिल भेज दिया जाता है। सरकार से सब्सिडी मिलने के बाद भी उपभोक्ताओं को जीरो का बिल तो नहीं मिला लेकिन नेताओं, अफसरों और कारोबारियों को यह रियायत दी जा रही है। अभी तक आप सिर्फ जीरो बिलिंग में ही परेशान थे। अब नया बिल यूनिट में कटौती का सामने आया है। कुछ नेताओं के घरों में 10 किलोवाट का कनेक्शन है और उनके घरों में भरी गर्मी में भी पर्याप्त खपत नहीं हुई। कुछ नेताओं के घरों में माइनस में बिल पहुंचा तो कुछ की यूनिट पिछले साल से आधी से भी कम रह गईं। अब इससे विभाग की कारस्तानी और अधिकारियों की मिली भगत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
केस नंबर 1
10 किलोवाट का कनेक्शन और बिल सिर्फ 1400 रुपए
यह कनेक्शन अरुण नगर अनंतपुर में सत्यनारायण शर्मा के नाम से लगा है। इसका आईवीआरएस नंबर एन1402021593 है। इनका एक साल पहले यानि जुलाई 2024 में खतर 941 यूनिट था। फिर अचानक से खपत ही कम हो गई। वर्ष 2025 में मई, जून जैसी भीषण गर्मी में भी इनकी रीडिंग नहीं बढ़ी। सिर्फ 47 और 58 यूनिट का ही बिल पहुंचा। अभी हाल ही में जुलाई का बिल जारी किया गया है। यह 365 यूनिट खपत का जारी तो हुआ है लेकिन टोटल 1404 रुपए का ही बिल जमा कराया गया। इनके बिल में इन्हें खास रियायत भी दे दी गई। सब्सिडी डिपॉजिट राशि से भी बिल में कटौती हो गई।