नगर निगम सब पर भारी, सरकारी विभागों से भी वसूलेगी सम्पत्तिकर, 59 विभागों पर 6 करोड़ बकाया, मेडिकल कॉलेज और विवि सबसे बड़े देनदार
अब नगर निगम में भवन का निर्माण करने वाले आम पब्लिक और व्यापारियों को ही सम्पत्तिकर नहीं देना होगा। इस दायरे में अब सरकारी भवन भी आ गए हैं। सरकारी भवनों को भी नगर निगम को टैक्स देना होगा। 59 विभागों पर नगर निगम ने करीब 6 करोड़ की रिकवरी निकाली हैं। इसमें सबसे अधिक अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय और श्याम शाह मेडिकल कॉलेज पर करीब 2 करोड़ की देनदारी निकली है।

नगर निगम ने सरकारी विभागों के भवनों पर भी लगाया टैक्स, 30 से 75 फीसदी तक वसूला जाएगा
अब तक 16 विभागों ने 1 करोड़ 7 लाख जमा भी कर दिए, पुलिस विभाग ने सर्वाधिक 39 लाख रुपए जमा कराए हैं
रीवा। नगर निगम की नजर में अब सभी एक समान है। सरकारी कार्यालय भवन और आम जनता के भवन सभी कोई भी हों सभी से सम्पत्तिकरण वसूला जाएगा। हालांकि दोनों से वसूली के प्रतिशत और तरीकों में जरूर अंतर नजर आएगा। सरकारी भवनों से सेवा प्रभार के रूप में टैक्स वसूला जाएगा। यह 30 से 75 फीसदी तक वसूला जाएगा। नगर निगम ने इसकी शुरुआत कर दी है। सभी सरकारी संस्थाओं पर टैक्स थोप दिया गया है। अब उसकी वसूली की जा रही है। नगर निगम के राजस्व अधिकारियों केा वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक लाख कोशिशों के बाद सिर्फ सरकारी 16 विभागों से 1 करोड़ 7 लाख ही आए हैं। वहीं 56 विभागों पर नगर निगम का करीब 6 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है।
25 फीसदी तक बढ़ जाएगा नगर निगम का राजस्व
अभी तक नगर निगम सिर्फ कामर्सियल और नान कामर्सियल भवनों से ही टैक्स वसूल रहा था। इसके अलावा सरकारी भवनों पर किसी तरह का टैक्स नहीं लग रहा था। शासन के आदेश के बाद अब सरकारी भवनों पर भी टैक्स अधिरोपित कर दिया गया है। सरकारी भवनों से टैक्स के रूप में यदि सारी राशि मिल गई तो नगर निगम के इंकम में करीब 25 फीसदी तक का इजाफा होगा।
सिर्फ 16 विभागों ने ही दिया है अभी तक सेवा कर
नगर निगम को अभी तक सेवा प्रभार की राशि देने वालों में 16 ही है। इसमें नवीन केशरवारनी शिक्षा मिति ने करीब 5200 रुपए, मुख्य डाकघर ने 43 हजार, सरस्वती स्कूल जेल मार्ग 9 लाख, मृगनयनी एम्पोरियम ने 23 हजार, परियोजना अधिकारी एकीकृत एवं महिला बाल विकास विभाग ने 1.36 लाख, संजय गाध्ंाी स्मृति चिकित्सालय ने 25 लाख, केन्द्रीय जेल ने 98 हजार, पुलिस वेलफेयर पेट्रोल पंप ने 1 लाख 33 हजार रुपए, आईटीआई भवन पर 2 लाख 17 हजार, जिला उपभोक्ता फोरम ने 89 हजार, ईको पार्क ने 93 हजार, विंध्या रिट्रीट ने 6 लाख 24 हजार, पुलिस प्रशिक्षण शाला ने 18 लाख 8 हजार रुपए, आयुर्वेदिक महाविद्यालय ने 99 हजार 494 रुपए, पुलिस अधीक्षक ने 39 लाख 60 हजार 374 रुपए और संयुक्त संचालक किसान कल्याण ने 96 हजार रुपए जमा कर दी है। शेष कार्यालयों के रास्व अधिकारी चक्कर काट रहे हैं।
विभाग और उन पर बकाया नगर निगम का सेवा प्रभार
विभाग राशि
श्याम शाह मेडिकल कॉलेज 118 लाख
अवधेश प्रताप सिंह विवि 75 लाख
इंजीनियरिंग कॉलेज रीवा 46 लाख
क्योंटी नहर संभाग क्रमांक 1 40 लाख
पॉलिटेक्निकल कॉलेज 21 लाख
वन विभाग 19 लाख
जिला दूर संचार प्रबंधक 10 लाख
कमिश्नर कार्यालय 06 लाख
कलेक्ट्रेट 20 लाख
टीआरएस कॉलेज 38 लाख
शासकीय विज्ञाान महाविद्यालय 21लाख
कृषि महाविद्यालय 11 लाख
आरटीओ रीवा 05 लाख
आयुक्त कार्यालय 05 लाख
पशु चिकित्सा एवं पशु पालन महाविद्यालय 55 लाख
केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक 1 14 लाख
जीडीसी रीवा 07 लाख
जेडी लोक शिक्षण संचालनालय 05 लाख
माधवराव सदाशिवराव गोलवरकर कॉलेज03 लाख
शाउमावि क्रमांक 1 धोबिया टंकी 04 लाख
शाउमावि क्रमांक 2 धोबिया टंकी 04 लाख