स्कूल की मान्यता के लिए मांगे 80 हजार, 30 हजार लेते पकड़ा गया बीआरसीसी
स्कूल की मान्यता नवीनीकरण के लिए बीरसीसी ने स्कूल संचालक से 80 हजार रुपए की मांग की। 50 हजार पहले ले लिए। इसके बाद 30 हजार लेते बीआरसीसी को लोकायुक्त ने धरदबोचा। बीआरसीसी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

इंदौर लोकायुक्त ने की कार्रवाई, कालानी चौराहा पर रिश्वत लेते पकड़ा
इंदौर। इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के पाए द सेंट पीटर्स हायर सेकेण्डरी स्कूल नगीन नगर एरोड्रम रोड के संचालक रामविलास गुर्जर ने एक शिकायत की। शिकायत में बताया कि उन्होंने बताया कि स्कूल की मान्यता नवीनीकरण के लिए बीआरसीसी नीरज गर्ग उम्र 45 वर्ष शिक्षा विभाग इंदौर 80 हजार रुपए की डिमांड कर रहा है। इस आवेदन की पुष्टि के लिए स्कूल संचालक को 50 हजार रुपए लेकर पहले भेजा गया। बीआरसीसी ने 50 हजार रुपए ओएसिस स्कूल के कर्मचारी कमल ङ्क्षसह वीरजी को दिला दिए। 26 अगस्त को यह राशि वीरजी को दी गई। रुपए देने के बाद शिकायत पुष्ट हो गई। इसके बाद शेष राशि 30 हजार रुपए उसी दिन बीआरसीसी को भी देना तय हुआ। बीआरसीसी नीरज गर्ग ने स्कूल संचालक को 30 हजार रुपए लेकर कालानी चौराहा पर शाम 6 बजे बुलाया। इसके बाद बीआरसीसी को ट्रैप करने की रणनीति बनाने के लिए लोकायुक्त इंदौर को समय मिल गया। लोकायुक्त एसपी ने बीआरसीसी को पकडऩे के लिए टीम का गठन कर दिया। फिर बताए अनुसार शाम 6 बजे लोकायुक्त की टीम कालानी चौराहा पर चारों तरफ फैल गई। जैसे ही बीआरसीसी को स्कूल संचालक ने 30 हजार रुपए दिए। वैसे ही लोकायुक्त ने बीआरसीसी को चारों तरफ से घेर लिया। उनके पास से 30 हजार रुपए रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली गई। बीआरसीसी को गिरफ्तार कर लोकायुक्त अपने साथ ले गई। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। इस पूरी कार्रवाई में डीएसपी सुनील कुमार तालान, कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक आशीष नायडू, आरक्षक कमलेश परिहार, रामेश्वर निंगवाल, सतीश यादव के अलावा चालक शेर सिंह ठाकुर मौजूद रहे।