रीवा मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेने पहुंची फर्जी छात्रा, तीन कर्मचारियों ने लगाई थी सिफारिश, अलॉटमेंट में पकड़ी गई
रीवा मेडिकल कॉलेज में एक फर्जी छात्रा एमबीबीएस में एडमिशन लेने पहुंची। फर्जी स्कोरकार्ड लेकर पहुंची। कॉलेज में पहले हंगामा मचाया फिर जब अलॉटमेंट लेटर निकाला गया तो पोल खुल गई। छात्रा की धोखाधड़ी पकड़ी गई। इस फर्जी छात्रा को एडमिशन दिलाने के लिए हालांकि कॉलेज के तीन कर्मचारियों ने सिफारिश की थी। इसमें एक लोकायुक्त के चंगुल में फंसा बाबू भी है। डीन के पास मामला पहुंचा लेकिन एफआईआर नहीं कराई गई।

145 नंबर नीट की परीक्षा में मिला था लेकिन स्कोर कार्ड 547 का लेकर पहुंच गई थी
रीवा की बताई जा रही छात्रा, किसी दूसरी छात्रा के अलॉटमेंट फार्म में हेरफेर कर पहुंची थी
विंध्यबुलेटिन, रीवा। श्याम शाह मेडिकल कॉलेज फिर सुर्खियों में है। सालों पहले रीवा मेडिकल कॉलेज में कई फर्जी छात्रों को प्रवेश दिया गया था। सभी मुन्नाभाईयों को पकड़ा गया था। बाद में सभी को कॉलेज से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। अब फिर से इस बार ऐसे ही कांड की तैयारी थी। गनीमत रही कि आनलाइन व्यवस्था होने के कारण चोरी पकड़ी गई वर्ना फिर से पुराना कांड हो जाता। हालांकि इस फर्जी छात्रा ने एक स्टेप पार कर लिया था। फर्जी स्कोर कार्ड लेकर पहुंची छात्रा ने इतना हंगामा किया और दबाव बनाया कि कमेटी को स्क्रूटनी करनी पड़ी। इसमें मेडिकल कॉलेज के तीन बाबूओं ने भी दबाव बनाने की कोशिश की। एडमिशन कमेटी पर बाबुओं के दबाव बनाने के कारण छात्रा और हावी हो गई थी। बाद में आनलाइन एनएमसी से निकलने वाले अलाटमेंट लेटर ने छात्रा की पोल खोल दी। इसके बाद ही छात्रा रफूचक्कर हो गई। एडमिशन कमेटी के सदस्यों ने इसकी जानकारी डीन डॉ सुनील अग्रवाल को दी। इतने बड़े कांड के बाद भी डीन ने चुप्पी साध ली है। किसी तरह की थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। जबकि छात्रा के सभी दस्तावेज कॉलेज में ही जमा है। विंध्य बुलेटिन डाट काम
कैलाशपुरी की बताई जा रही है छात्रा
जिस छात्रा ने कॉलेज में पहुंच कर फर्जी स्कोर कार्ड से एडमिशन लेने की कोशिश की वह कैलाशपुरी की बताई जा रही है। इस लड़की का नाम एंजल तिवारी है। एंजल तिवारी ने भी इस मर्तबा नीट यूजी 2025 की परीक्षा दी थी। परीक्षा में एंजल तिवारी का अंक काफी कम रहा। सिर्फ 145 ही आलइंडिया स्कोर कर पाई थी। इसी अंक में छात्रा ने हेरफेर किया और एडमिशन लेने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज पहुंच गई थी।
ऐसे किया फर्जीवाड़ा
एंजल तिवारी नाम की छात्रा को किसी दूसरी छात्रा का स्कोर कार्ड मिल गया। उसे यह भी पता था कि छात्रा श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में एडमिशन नहीं लेने जा रही है। उसने उस अभ्यर्थी के स्कोर कार्ड में ही हेरफेर कर दिया। नाम आदि बदल दिए और यही स्कोर कार्ड लेकर मेडिकल कॉलेज एडमिशन लेने पहुंच गई। जब एडमिशन कमेटी ने एनएमसी से एडमिशन अलॉटमेंट सीट निकालवाई तब भेज खुला। विंध्य बुलेटिन डाट काम
एमपी स्टेट में 14 हजार 399वां नंबर था लेकिन 547 अंक का स्कोर कार्ड लेकर पहुंची थी
जिस छात्रा ने एमबीबीएस की सीट पर एडमिशन लेने के लिए फर्जीवाड़ा किया था। उसका वास्तविक रोल नंबर और अंक भी सामने आए हैं। छात्रा का नीट यूजी 2025 में रोल नंबर 3006104215 है। उसका नीट यूजी 2025 में आल इंडिया रैंक 109115 है। नीट यूजी में एआई स्कोर सिर्फ 145 ही थे। वहीं एमपी स्टेट में रैंक 14 हजार 399 वीं थी। छात्रा ने स्कोर कार्ड में 154 अंक को बढ़ाकर 547 तक कर दिया था। इसी के दम पर एडमिशन लेने पहुंच गई थी।
पहले छात्रा ने किया जमकर हंगामा, दबाव में आ गए थे अधिकारी
हद तो यह है कि फर्जी स्कोर कार्ड लेकर पहुंची छात्रा ने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा मचाया था। दबाव बनाने की कोशिश की थी। इसमें मेडिकल कॉलेज के तीन बाबुओं ने भी छात्रा का साथ दिया था। हालात यह हो गए थे कि छात्रा को एडमिशन कमेटी ने भी हाथों हाथ लिया। जल्द जल्दी प्रक्रिया शुरू कर दी थी। दस्तावेजों की स्क्रूटनी तक कर दी। मामला आनलाइन अलाटमेंट लेटर में फंस गया था। जिसकी जानकारी छात्रा ने दी थी उस नाम से अलाटमेंट निकला ही नहीं। तब मामला खुला।
डीन ने मामले को दबा दिया
इस फर्जीवाड़े की जानकारी एडमिशन कमेटी के सदस्यों ने डीन डॉ सुनील अग्रवाल को दी थी। डीन ने इस मामले में कोई भी एक्शन नहीं लिए। उन्होंने मामले को दबा दिया। पुलिस को भी प्रकरण की जानकारी नहीं दी। जबकि छात्रा के सभी दस्तावेज भी एडमिशन कमेटी के पास ही थे।