जीरो बिलिंग का मामला: बिजली विभाग के कर्मचारी, अधिकारियों की गर्दन फंसी, मुख्य अभियंता ने मांगी जांच रिपोर्ट
शहर संभाग के अधिकारियों के फर्जीवाड़े की कलई खुलने के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है। मुख्य अभियंता ने इस मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में गड़बड़ी पाए जाने पर कईयों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

पुष्पराज के दो बिलों में जीरो बिलिंग का मामला आया था सामने
इसके अलावा कई और भी कनेक्शन में की गई थी जीरो बिलिंग
रीवा। ज्ञात हो कि विद्युत विभाग शहर संभाग में बिजली बिलिंग के नाम पर जमकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अधिकारी, कर्मचारी मिल कर जनता और सरकार को लूटने में लगे हैं। आम पब्लिक पर नियमों का हवाला देकर परेशान किया जाता है। एक महीने की बिलिंग भी पेंडिंग रहने पर कनेक्शन काट देते हैं, तो वहीं दूसरी तरफ नाम और दाम वालों को इससे बचाने बिल ही जीरों भेजा जा रहा है। जो राशि विद्युत विभाग के खाते में जानी चाहिए वह राशि खुद ही अधिकारी, कर्मचारी गटक जा रहे हैं। इसके पीछे बड़े गिरोह का हाथ होना बताया जा रहा है। इसमें कुर्सी पर बैठे वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर लाइन स्टाफ तक की संलिप्तता मानी जा रही है। हालांकि जीरो रीडिंग का मामला प्रकाश में आने के बाद मुख्य अभियंता रीवा और अधीक्षण अभियंता ने जांच के निर्देश दे दिए हैं। जांच के बाद यदि गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई तय मानी जा रही है।
संविदा कर्मचारी की मुश्किलें बढ़ेंगी
शहर संभाग में सबसे चर्चित व्यक्ति एक संविदा कर्मचारी है। इसी कर्मचारी और जेई शिखा तिवारी की ही मुश्किलें बढ़ेंगी। पीली कोठी में पुष्पराज ङ्क्षसह के काम्प्लेक्स के पास ही कई ट्रांसफार्मर भी लगाए गए थे। यह ट्रांसफार्मर भरी संविदा कर्मचारी ने ही ठेकेदार के साथ मिलकर लगवाया था। इसमें मोटी रकम वसूली गई थी। इन संविदा कर्मचारी को हालांकि कार्यपालन अभियंता नरेन्द्र मिश्रा का संरक्षण मिला हुआ है। नरेन्द्र मिश्रा के संरक्षण में ही सारे अवैध काम को वैध दिखाकर किया जा रहा है। इस मर्तबा मामला संज्ञान में आने के बाद संविदा कर्मचारी और जेई की मुश्किलें बढऩा तय है।
पूरे शहर की अवैध कालोनियों में ट्रांसफार्मर भी लगाया गया
इस संविदा कर्मचारी की कारस्तानी इसी से समझ लीजिए कि शहर संभाग के कार्यपालन अभिंयता के संरक्षण में ही नगर निगम क्षेत्र में अवैध कालोनियों तक बिजली पहुंचाई गई। अवैध कालोनी में कनेक्शन का स्टीमेट नहीं बनाया गया और न ही कहीं पर लोगों को इस नियम के तहत कनेक्शन ही दिया गया। सभी अवैध कालोनियो में गलत तरीके से ट्रांसफार्मर लगाए गए। एक्सटेंशन वर्क दिखाकर ही अवैध कालोनियों में ट्रांसफार्मर लगाए गए। अब नगर निगम की कार्रवाई में बिजली के कनेक्शन भी उजाड़े जा रहे हैं।